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पुस्तक सूची

निविदा

प्रकाशन की संशोधित दर



श्री कृष्ण नन्दन प्रसाद वर्मा
माननीय शिक्षा मंत्री, बिहार

श्री दिनेश चन्द्र झा
अध्यक्ष-सह-निदेशक

श्री दिनेश चन्द्र झा

    कार्य-कलाप

  • बिहार हिन्दी ग्रन्थ अकादमी ने अबतक विश्‍वविद्यालय स्तरीय छात्रों के लिए विभिन्न विषयों में 357 टाईटिल की पुस्तकों का प्रकाशन किया है । इनमें से 223 पुस्तकों का पुनर्मुद्रण-कार्य भी किया गया है । इस प्रकार अकादमी अबतक कुल 580 पुस्तकों का प्रकाशन कर चुकी है।
  • अकादमी अपने समस्त प्रकाशित ग्रन्थों के साथ (बिक्री संवर्धन हेतु ) राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मेलों में भाग लेती है ।
  • मौलिक- लेखन

  • लेखक सर्वप्रथम पुस्तक की सम्पूर्ण रूपरेखा प्रत्येक अध्याय की विषय-वस्तु-निदेश के साथ विषयनामिका के अथवा अन्य विशेषज्ञों के अनुमोदनार्थ अकादमी को प्रेषित करेंगे ।
  • पुनरीक्षक द्वारा नमूना-अनुमोदन के बाद लेखक लेखन-कार्य आगे बढ़ायेंगे और प्रतिमाह लेखन की प्रगति अकादमी-कार्यालय को सूचित करेंगे। लेखक पाण्डुलिपि के तैयार अंश पुनरीक्षणार्थ अकादमी को देते चलेंगे ताकि पुनरीक्षण साथ-साथ होता चले।
  • पुस्तक की रूपरेखा अकादमी द्वारा अनुमोदित होने पर पाण्डुलिपि अकादमी द्वारा प्रकाशनार्थ स्वीकृत की जाती है और लेखक के साथ मौलिक-लेखन-संविदा (करारनामा) सम्पन्न किया जाता है । लेखक को लेखन-पारिश्रमिक के रूप में, बिकी पुस्तकों की शुद्ध राशि (नेट राशि) पर 15/ (पन्द्रह प्रतिशत) रायल्टी देने का प्रावधान है ।
  • विशेष स्थिति में, जब लेखक अपने विषय के शीर्ष-विद्वान हों, तो अकादमी पुनरीक्षण की शर्त से उन्हें मुक्त कर सकती है ।
  • लेखक द्वारा प्रस्तुत पाण्डुलिपि पर विशेषज्ञ की सम्मति प्राप्त हो जाने पर उक्त पुस्तक पर होनेवाले अनुमानित व्यय विवरणी तैयार कर, वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली को भेजा जाता है और आयोग से उक्त पुस्तक के लिए प्रकाशन अनुदान अकादमी को प्राप्त होने पर, पुस्तक की छपाई की कार्रवाई की जाती है।
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